तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قُلْ بِفَضْلِ ٱللَّهِ وَبِرَحْمَتِهِۦ فَبِذَٰلِكَ فَلْيَفْرَحُوا۟ هُوَ خَيْرٌ مِّمَّا يَجْمَعُونَ ﴿٥٨﴾
(ऐ रसूल!) आप लोगों से कह दें : मैं जो क़ुरआन तुम्हारे पास लेकर आया हूँ, वह अल्लाह की तरफ़ से तुमपर एक अनुकंपा और दया है। अतः अल्लाह ने इस क़ुरआन को उतारकर तुमपर जो अनुकंपा और दया की है, उसपर प्रसन्न हो, इनके सिवा किसी और बात पर नहीं। क्योंकि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जो कुछ अपने पालनहार की तरफ़ से उनके पास लेकर आए हैं, वह दुनिया की उस नश्वर सामग्री से उत्तम है, जिसे वे इकट्ठा कर रहे हैं।