तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَمَا ظَنُّ ٱلَّذِينَ يَفْتَرُونَ عَلَى ٱللَّهِ ٱلْكَذِبَ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ إِنَّ ٱللَّهَ لَذُو فَضْلٍ عَلَى ٱلنَّاسِ وَلَـٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَشْكُرُونَ ﴿٦٠﴾
जो लोग अल्लाह पर झूठ गढ़ते हैं, वे क्या सोचते हैं कि क़ियामत के दिन उनके साथ क्या कुछ होने वाला है?! क्या वे यह समझते है कि उन्हें क्षमा कर दिया जाएगा?! यह बहुत दूर की बात है। वास्तव में अल्लाह लोगों पर बड़ा कृपालु है कि उन्हें मोहलत देता है और उन्हें दंड देने में जल्दी नहीं करता। परंतु उनमें से अधिकांश लोग अपने ऊपर अल्लाह की नेमतों का इनकार करने वाले हैं। अतः वे उनके प्रति आभारी नहीं होते।