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يونسआयत 70

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

مَتَـٰعٌ فِى ٱلدُّنْيَا ثُمَّ إِلَيْنَا مَرْجِعُهُمْ ثُمَّ نُذِيقُهُمُ ٱلْعَذَابَ ٱلشَّدِيدَ بِمَا كَانُوا۟ يَكْفُرُونَ ﴿٧٠﴾

अतः वे संसार की सुख-सामग्रियों और नेमतों का जो आनंद ले रहे हैं, उससे धोखा न खाएँ। क्योंकि यह एक क्षणभंगुर थोड़ा-सा सुख है। फिर उन्हें क़ियामत के दिन हमारे ही पास लौटना है। फिर हम उन्हें उनके अल्लाह का इनकार करने और उसके रसूल को झुठलाने के कारण कठोर यातना का मज़ा चखाएँगे।