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قريش
आयत 2
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِۦلَـٰفِهِمْ رِحْلَةَ ٱلشِّتَآءِ وَٱلصَّيْفِ ﴿٢﴾
सुरक्षित होकर यमन की ओर शीतकालीन यात्रा, और शाम (लेवंत) की ओर गर्मियों की यात्रा।
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