तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَالَتْ يَـٰوَيْلَتَىٰٓ ءَأَلِدُ وَأَنَا۠ عَجُوزٌ وَهَـٰذَا بَعْلِى شَيْخًا ۖ إِنَّ هَـٰذَا لَشَىْءٌ عَجِيبٌ ﴿٧٢﴾
जब फरिश्तों ने यह शुभसूचना दी, तो सारा ने अश्चर्यचकित होकर कहा : मेरी संतान कैसे होगी, जबकि मैं बूढ़ी और संतान से निराश हो चुकी हूँ, और मेरा यह पति भी बुढ़ापे की आयु को पहुँच गया है?! इस स्थिति में बच्चा होना आश्चर्यजनक है, आम तौर पर ऐसा नहीं होता है।