तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَمَا تَسْـَٔلُهُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ ۚ إِنْ هُوَ إِلَّا ذِكْرٌ لِّلْعَـٰلَمِينَ ﴿١٠٤﴾
यदि वे समझ-बूझ से काम लेते तो आप पर ईमान ले आते। क्योंकि (ऐ रसूल) आप उनसे क़ुरआन तथा धर्म प्रचार पर कोई पारिश्रमिक नहीं माँगते। क़ुरआन तो केवल सभी लोगों के लिए एक उपदेश (याददेहानी) है।