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يوسفआयत 4

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِذْ قَالَ يُوسُفُ لِأَبِيهِ يَـٰٓأَبَتِ إِنِّى رَأَيْتُ أَحَدَ عَشَرَ كَوْكَبًا وَٱلشَّمْسَ وَٱلْقَمَرَ رَأَيْتُهُمْ لِى سَـٰجِدِينَ ﴿٤﴾

(ऐ रसूल) हम आपको सूचना दे रहे हैं कि जब यूसुफ़ ने अपने पिता याक़ूब से कहा : ऐ मेरे पिता! मैंने सपने में ग्यारह सितारे देखे, तथा मैंने सूर्य और चंद्रमा को देखा, मैंने उन सभी को मुझे सजदा करते हुए देखा है। यह दृष्टि (स्वप्न) यूसुफ़ अलैहिस्सलाम के लिए एक अग्रिम शुभसूचना थी।