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يوسفआयत 46

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

يُوسُفُ أَيُّهَا ٱلصِّدِّيقُ أَفْتِنَا فِى سَبْعِ بَقَرَٰتٍ سِمَانٍ يَأْكُلُهُنَّ سَبْعٌ عِجَافٌ وَسَبْعِ سُنۢبُلَـٰتٍ خُضْرٍ وَأُخَرَ يَابِسَـٰتٍ لَّعَلِّىٓ أَرْجِعُ إِلَى ٱلنَّاسِ لَعَلَّهُمْ يَعْلَمُونَ ﴿٤٦﴾

चुनाँचे जब रिहाई पाने वाला व्यक्ति यूसुफ़ के पास पहुँचा, तो उनसे कहा : ऐ यूसुफ़! ऐ सच्चे इनसान! हमें ऐसे व्यक्ति के सपने का अर्थ बताइँ, जिसने देखा कि सात मोटी गायों को सात दुबली गाएँ खा रही हैं, तथा उसने सात हरी बालियों और सात सूखी बालियों को देखा है। ताकि मैं राजा और उसके साथियों के पास वापस जाऊँ और वे राजा के सपने का अर्थ जान सकें। तथा वे आपकी प्रतिष्ठा और आपकी स्थिति जान सकें।