तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱسْتَفْتَحُوا۟ وَخَابَ كُلُّ جَبَّارٍ عَنِيدٍ ﴿١٥﴾
रसूलों ने अपने पालनहार से अपने दुश्मनों के विरुद्ध विजय और सहायता माँगी और प्रत्येक अभिमानी, सत्य से बैर रखने वाला, जो सत्य के स्पष्ट होने के बावजूद उसे नहीं मानता, असफल रहा।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱسْتَفْتَحُوا۟ وَخَابَ كُلُّ جَبَّارٍ عَنِيدٍ ﴿١٥﴾