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إبراهيمआयत 29

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

جَهَنَّمَ يَصْلَوْنَهَا ۖ وَبِئْسَ ٱلْقَرَارُ ﴿٢٩﴾

विनाश का घर' जहन्नम है, जिसमें वे प्रवेश करके उसकी गर्मी झेलेंगे और उनका यह ठिकाना बहुत बुरा ठिकाना है।