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الحجرआयत 19

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَٱلْأَرْضَ مَدَدْنَـٰهَا وَأَلْقَيْنَا فِيهَا رَوَٰسِىَ وَأَنۢبَتْنَا فِيهَا مِن كُلِّ شَىْءٍ مَّوْزُونٍ ﴿١٩﴾

और हमने धरती को फैलाया ताकि लोग उसके ऊपर रह सकें, और उसमें मज़बूत (अटल) पहाड़ बनाए ताकि वह (धरती) लोगों को लेकर डगमगाने न लगे, तथा उसमें विभिन्न प्रकार के पौधे उगाए जो हिकमत की अपेक्षानुसार निर्धारित व निर्दिष्ट हैं।