तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَأَرْسَلْنَا ٱلرِّيَـٰحَ لَوَٰقِحَ فَأَنزَلْنَا مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءً فَأَسْقَيْنَـٰكُمُوهُ وَمَآ أَنتُمْ لَهُۥ بِخَـٰزِنِينَ ﴿٢٢﴾
और हमने हवाएँ भेजीं जो बादलों को पानी से गर्भित करती हैं। फिर उन गर्भित बादलों से बारिश बरसाई और तुम्हें बारिश के पानी से सैराब किया। और (ऐ लोगो!) तुम इस पानी को धरती के अंदर स्रोतों और कुओं के रूप में संग्रह करने वाले नहीं हो। परंतु यह केवल अल्लाह है जो इसे धरती में संग्रह करता है।