तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَا يَمَسُّهُمْ فِيهَا نَصَبٌ وَمَا هُم مِّنْهَا بِمُخْرَجِينَ ﴿٤٨﴾
उन्हें वहाँ न कोई थकान होगी और न वे वहाँ से निकाले जाएँगे। बल्कि वे वहाँ हमेशा रहेंगे।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَا يَمَسُّهُمْ فِيهَا نَصَبٌ وَمَا هُم مِّنْهَا بِمُخْرَجِينَ ﴿٤٨﴾