तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَالَ هَـٰٓؤُلَآءِ بَنَاتِىٓ إِن كُنتُمْ فَـٰعِلِينَ ﴿٧١﴾
लूत अलैहिस्सलाम ने अपने अतिथियों के सामने अपने लिए उज़्र प्रस्तुत करते हुए अपनी जाति के लोगों से कहा : ये तुम्हारी कुल स्त्रियों में से मेरी बेटियाँ हैं। अतः यदि तुम अपनी कामवासना की पूर्ति चाहते हो, तो इनसे शादी कर लो।