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الحجر
आयत 82
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَكَانُوا۟ يَنْحِتُونَ مِنَ ٱلْجِبَالِ بُيُوتًا ءَامِنِينَ ﴿٨٢﴾
वे पहाड़ों को काटते थे ताकि अपने लिए घर बनाकर उनमें भयमुक्त होकर निवास करें।
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