तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِذَا رَءَا ٱلَّذِينَ أَشْرَكُوا۟ شُرَكَآءَهُمْ قَالُوا۟ رَبَّنَا هَـٰٓؤُلَآءِ شُرَكَآؤُنَا ٱلَّذِينَ كُنَّا نَدْعُوا۟ مِن دُونِكَ ۖ فَأَلْقَوْا۟ إِلَيْهِمُ ٱلْقَوْلَ إِنَّكُمْ لَكَـٰذِبُونَ ﴿٨٦﴾
और जब मुश्रिक लोग क़ियामत के दिन अपने उन पूज्यों को देख लेंगे, जिनकी वे अल्लाह को छोड़कर पूजा किया करते थे, तो कहेंगे : ऐ हमारे पालनहार! यही हमारे वे साझी हैं, जिन्हें हम तुझे छोड़कर पूजा करते थे। ऐसा इस उद्देश्य से कहेंगे कि अपना बोझ उनपर डाल दें। तो अल्लाह उनके पूज्यों को बोलने की शक्ति प्रदान कर देगा और वे उनकी बात का खंडन करते हुए कहेंगे : (ऐ मुश्रिको!) निश्चय तुम अल्लाह के साथ एक साझी की पूजा करने में झूठे हो। क्योंकि उसके साथ कोई साझी ही नहीं कि उसकी पूजा की जाए।