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الإسراءआयत 22

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

لَّا تَجْعَلْ مَعَ ٱللَّهِ إِلَـٰهًا ءَاخَرَ فَتَقْعُدَ مَذْمُومًا مَّخْذُولًا ﴿٢٢﴾

(ऐ बंदे) अल्लाह के साथ कोई अन्य पूज्य बनाकर उसकी पूजा मत कर। यदि ऐसा किया, तो तू अल्लाह के निकट निंदित हो जाएगा, उसके सदाचारी बंदों के निकट तेरी प्रशंसा नहीं की जाएगी, तथा उसकी ओर से उपेक्षित होगा, तेरा कोई मददगार नहीं होगा।