तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِذْ أَوَى ٱلْفِتْيَةُ إِلَى ٱلْكَهْفِ فَقَالُوا۟ رَبَّنَآ ءَاتِنَا مِن لَّدُنكَ رَحْمَةً وَهَيِّئْ لَنَا مِنْ أَمْرِنَا رَشَدًا ﴿١٠﴾
(ऐ रसूल!) आप उस समय को याद कीजिए, जब ईमान वाले युवकों ने अपने धर्म के साथ भागकर गुफा में शरण ली, तो उन्होंने अपने पालनहार से प्रार्थना करते हुए कहा : ऐ हमारे पालनहार! तू हमें अपनी ओर से दया प्रदान कर, कि तू हमारे पापों को क्षमा कर दे और हमें हमारे शत्रुओं से मुक्ति प्रदान कर, तथा काफिरों से हिजरत करने और ईमान लाने के मामले में तू हमारे लिए सत्य मार्ग की ओर रहनुमाई और शुद्धता बना दे।