तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَعُرِضُوا۟ عَلَىٰ رَبِّكَ صَفًّا لَّقَدْ جِئْتُمُونَا كَمَا خَلَقْنَـٰكُمْ أَوَّلَ مَرَّةٍۭ ۚ بَلْ زَعَمْتُمْ أَلَّن نَّجْعَلَ لَكُم مَّوْعِدًا ﴿٤٨﴾
और लोग आपके पालनहार के समक्ष पंक्तियों में प्रस्तुत किए जाएँगे, तो वह उनका हिसाब लेगा। और उनसे कहा जाएगा : तुम हमारे पास वैसे ही अकेले, नंगे पैर, नंगे शरीर और बिना ख़तना के आए हो, जैसे हमने तुम्हें पहली बार पैदा किया था। लेकिन तुम तो यह सोचते थे कि तुम कभी पुनर्जीवित नहीं किए जाओगे और हम तुम्हें तुम्हारे कर्मों का बदला देने के लिए कभी कोई समय और स्थान निर्धारित नहीं करेंगे।