तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مَّا لَهُم بِهِۦ مِنْ عِلْمٍ وَلَا لِـَٔابَآئِهِمْ ۚ كَبُرَتْ كَلِمَةً تَخْرُجُ مِنْ أَفْوَٰهِهِمْ ۚ إِن يَقُولُونَ إِلَّا كَذِبًا ﴿٥﴾
इन मिथ्यारोपण करने वालों के पास अल्लाह की ओर संतान की निस्बत करने के दावे का कोई ज्ञान या उसका कोई प्रमाण नहीं है, और न ही इनके उन बाप-दादाओं के पास कोई ज्ञान था, जिनका इन्होंने इस विषय में अनुकरण किया है। बहुत घृणित है वह बात, जो उनके मुँह से बिना समझ-बूझ के निकल रही है। वे केवल झूठ बोल रहे हैं, जिसका कोई आधार और सबूत नहीं है।