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الكهفआयत 53

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَرَءَا ٱلْمُجْرِمُونَ ٱلنَّارَ فَظَنُّوٓا۟ أَنَّهُم مُّوَاقِعُوهَا وَلَمْ يَجِدُوا۟ عَنْهَا مَصْرِفًا ﴿٥٣﴾

और अल्लाह का साझी बनाने वाले लोग जहन्नम को देखेंगे, तो वे पूरी तरह से निश्चित हो जाएँगे कि वे उसमें गिरने वाले हैं और उन्हें कोई स्थान नहीं मिलेगा जहाँ वे उससे मुड़कर शरण ले सकें।