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الكهفआयत 87

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قَالَ أَمَّا مَن ظَلَمَ فَسَوْفَ نُعَذِّبُهُۥ ثُمَّ يُرَدُّ إِلَىٰ رَبِّهِۦ فَيُعَذِّبُهُۥ عَذَابًا نُّكْرًا ﴿٨٧﴾

ज़ुल-क़रनैन ने कहा : जो कोई हमारी ओर से एक अल्लाह की इबादत के लिए बुलाने के बाद भी अल्लाह के साथ साझी ठहराएगा और उसपर अटल रहेगा, तो हम उसे दुनिया में क़त्ल का दंड देंगे, फिर वह क़ियामत के दिन अपने पालनहार की ओर लौटाया जाएगा, तो वह उसे भयानक सज़ा देगा।