तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَالَ هَـٰذَا رَحْمَةٌ مِّن رَّبِّى ۖ فَإِذَا جَآءَ وَعْدُ رَبِّى جَعَلَهُۥ دَكَّآءَ ۖ وَكَانَ وَعْدُ رَبِّى حَقًّا ﴿٩٨﴾
ज़ुल-क़रनैन ने कहा : यह बाँध मेरे रब की ओर से एक दया है, जो याजूज और माजूज को धरती में उपद्रव मचाने से रोकने का काम करेगा। फिर जब वह समय आ जाएगा, जिसे अल्लाह ने क़ियामत से पहले उनके निकलने के लिए निर्धारित कर रखा है, तो अल्लाह उसे ध्वस्त कर देगा। तथा उसे ध्वस्त करके ज़मीन के बराबर करने और याजूज एवं माजूज के निकलने से संबंधित अल्लाह का वादा अटल है, जिसका उल्लंघन नहीं हो सकता।