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مريمआयत 20

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قَالَتْ أَنَّىٰ يَكُونُ لِى غُلَـٰمٌ وَلَمْ يَمْسَسْنِى بَشَرٌ وَلَمْ أَكُ بَغِيًّا ﴿٢٠﴾

मरयम ने हैरानी से कहा : मेरे यहाँ बालक कैसे हो सकता है, जबकि न तो पति और न ही कोई और मेरे पास आया है, और न मैं व्यभिचारिणी हूँ कि मेरे कोई बच्चा हो?