तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مَا نَنسَخْ مِنْ ءَايَةٍ أَوْ نُنسِهَا نَأْتِ بِخَيْرٍ مِّنْهَآ أَوْ مِثْلِهَآ ۗ أَلَمْ تَعْلَمْ أَنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ قَدِيرٌ ﴿١٠٦﴾
अल्लाह तआला बयान कर रहा है कि जब वह क़ुरआन की किसी आयत के ह़ुक्म को उठा देता (समाप्त कर देता) है, या उसके शब्द को ख़त्म कर देता है और लोग उसे भूल जाते हैं, तो अल्लाह उसके स्थान पर ऐसी आयत ले आता है, जो तत्काल और भविष्य में उससे अधिक फायदेमंद होती है, अथवा उसके समान होती है, और यह सब कुछ अल्लाह के ज्ञान और उसकी ह़िकमत के मुताबिक़ होता है। और - ऐ नबी! - आप जानते हैं कि अल्लाह हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है। चुनाँचे वह जो चाहता है, करता है, और जो चाहता है, आदेश देता है।