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البقرةआयत 127

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَإِذْ يَرْفَعُ إِبْرَٰهِـۧمُ ٱلْقَوَاعِدَ مِنَ ٱلْبَيْتِ وَإِسْمَـٰعِيلُ رَبَّنَا تَقَبَّلْ مِنَّآ ۖ إِنَّكَ أَنتَ ٱلسَّمِيعُ ٱلْعَلِيمُ ﴿١٢٧﴾

तथा (ऐ नबी!) उस समय को याद करो, जब इबराहीम और इसमाईल अलैहिमस्सलाम काबा की बुनियादें ऊँची कर रहे थे, और वे दोनों (नम्रता के साथ) कह रहे थे : ऐ हमारे पालनहार! हमसे हमारे कार्यों को - जिनमें से एक इस घर का निर्माण है - क़बूल फरमा। निःसंदेह तू ही हमारी दुआ को सुनने वाला, हमारे इरादों और कार्यों को जानने वाला है।