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البقرةआयत 130

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَمَن يَرْغَبُ عَن مِّلَّةِ إِبْرَٰهِـۧمَ إِلَّا مَن سَفِهَ نَفْسَهُۥ ۚ وَلَقَدِ ٱصْطَفَيْنَـٰهُ فِى ٱلدُّنْيَا ۖ وَإِنَّهُۥ فِى ٱلْـَٔاخِرَةِ لَمِنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ ﴿١٣٠﴾

इबराहीम अलैहिस्सलाम के धर्म से विमुख होकर दूसरे धर्मों की ओर वही आकर्षित होगा, जिसने अपनी मूर्खता तथा कुप्रबंधन से सत्य को छोड़ गुमराही को अपनाकर अपने ऊपर अत्याचार किया और अपने लिए अपमान से संतुष्ट हो गया। निश्चय हमने उसे दुनिया में एक रसूल और दोस्त के रूप में चुन लिया, तथा आख़िरत में वह निश्चय उन सदाचारियों में से है, जिन्होंने अपने ऊपर अल्लाह के अनिवार्य किए हुए आदेशों को पूरा करके सर्वोच्च पद प्राप्त किए।