तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِنَّمَا يَأْمُرُكُم بِٱلسُّوٓءِ وَٱلْفَحْشَآءِ وَأَن تَقُولُوا۟ عَلَى ٱللَّهِ مَا لَا تَعْلَمُونَ ﴿١٦٩﴾
वह केवल तुम्हें बुरे पापों तथा बड़े एवं गंभीर गुनाहों का आदेश देता है और यह कि तुम अक़ीदे और शरीयत के नियमों के संबंध में अल्लाह पर कोई बात कहो, जिसके बारे में तुम्हारे पास अल्लाह या उसके रसूल की तरफ़ से कोई ज्ञान न आया हो।