×
البقرةआयत 188

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَا تَأْكُلُوٓا۟ أَمْوَٰلَكُم بَيْنَكُم بِٱلْبَـٰطِلِ وَتُدْلُوا۟ بِهَآ إِلَى ٱلْحُكَّامِ لِتَأْكُلُوا۟ فَرِيقًا مِّنْ أَمْوَٰلِ ٱلنَّاسِ بِٱلْإِثْمِ وَأَنتُمْ تَعْلَمُونَ ﴿١٨٨﴾

तुम एक-दूसरे के धन को अवैध रूप से न लो, जैसे चोरी, जबरन क़ब्ज़ा और धोखाधड़ी। तथा उसके झगड़े को शासकों के पास न ले जाओ ताकि लोगों के धन का एक भाग अवज्ञा के साथ रंगे हाथ ले लो, जबकि तुम्हें पता है कि अल्लाह ने इसे ह़राम किया है। क्योंकि यह जानते हुए पाप करना कि यह निषिद्ध है, सबसे जघन्य है और उसका दंड सबसे कठोर है।