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البقرةआयत 211

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

سَلْ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ كَمْ ءَاتَيْنَـٰهُم مِّنْ ءَايَةٍۭ بَيِّنَةٍ ۗ وَمَن يُبَدِّلْ نِعْمَةَ ٱللَّهِ مِنۢ بَعْدِ مَا جَآءَتْهُ فَإِنَّ ٱللَّهَ شَدِيدُ ٱلْعِقَابِ ﴿٢١١﴾

(ऐ नबी!) बनी इसराईल से उनकी भर्त्सना करते हुए पूछिए : अल्लाह ने तुम्हारे सामने नबियों की सच्चाई को उजागर करने वाली कितनी स्पष्ट निशानियाँ रखीं?! तो तुमने उन्हें झुठला दिया और उनसे मुँह फेर लिया। तथा जो अल्लाह की नेमत को उसे पहचान लेने और उसके स्पष्ट हो जाने के पश्चात झुठला दे और इनकार कर दे; तो (ज्ञात होना चाहिए कि) निःसंदेह अल्लाह झुठलाने वाले काफ़िरों को कठिन यातना देने वाला है।