तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَلَمَّا فَصَلَ طَالُوتُ بِٱلْجُنُودِ قَالَ إِنَّ ٱللَّهَ مُبْتَلِيكُم بِنَهَرٍ فَمَن شَرِبَ مِنْهُ فَلَيْسَ مِنِّى وَمَن لَّمْ يَطْعَمْهُ فَإِنَّهُۥ مِنِّىٓ إِلَّا مَنِ ٱغْتَرَفَ غُرْفَةًۢ بِيَدِهِۦ ۚ فَشَرِبُوا۟ مِنْهُ إِلَّا قَلِيلًا مِّنْهُمْ ۚ فَلَمَّا جَاوَزَهُۥ هُوَ وَٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ مَعَهُۥ قَالُوا۟ لَا طَاقَةَ لَنَا ٱلْيَوْمَ بِجَالُوتَ وَجُنُودِهِۦ ۚ قَالَ ٱلَّذِينَ يَظُنُّونَ أَنَّهُم مُّلَـٰقُوا۟ ٱللَّهِ كَم مِّن فِئَةٍ قَلِيلَةٍ غَلَبَتْ فِئَةً كَثِيرَةًۢ بِإِذْنِ ٱللَّهِ ۗ وَٱللَّهُ مَعَ ٱلصَّـٰبِرِينَ ﴿٢٤٩﴾
जब तालूत सेनाओं के साथ नगर से निकले, तो उनसे कहा : निःसंदेह अल्लाह तुम्हें एक नहर द्वारा आज़माने वाला है। सो जिसने उसमें से पी लिया, वह मेरे मार्ग पर नहीं है और युद्ध में मेरे साथ नहीं चलेगा। और जिसने उसमें से नहीं पिया, वह मेरे मार्ग पर है और युद्ध में मेरे साथ चलेगा। परंतु जो कोई मजबूर हो जाए और एक चुल्लू भर पानी पी ले, तो उस पर कुछ भी नहीं है। लेकिन सभी सैनिकों ने उससे पानी पी लिया सिवाय उनमें से थोड़े लोगों के, जिन्होंने सख़्त प्यास के बावजूद न पीने पर धैर्य से काम लिया। फिर जब तालूत और उसके साथ ईमान वालों ने नहर पार किया, तो उसके कुछ सैनिकों ने कहा : आज हमारे पास जालूत और उसके सैनिकों से लड़ने की कोई क्षमता नहीं है। उस समय उन लोगों ने, जो क़ियामत के दिन अल्लाह से मिलने पर विश्वास रखते थे, कहा : कितने ईमान वाले दल, जिनकी संख्या कम थी, अल्लाह की अनुमति और सहायता से, अधिक संख्या वाले काफ़िर दलों पर विजय प्राप्त कर चुके हैं। इसलिए विजय में ईमान का एतिबार है, अधिकता का नहीं। और अल्लाह अपने धैर्य रखने वाले बंदों के साथ है, उनका समर्थन करता और उनकी मदद करता है।