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البقرةआयत 254

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ أَنفِقُوا۟ مِمَّا رَزَقْنَـٰكُم مِّن قَبْلِ أَن يَأْتِىَ يَوْمٌ لَّا بَيْعٌ فِيهِ وَلَا خُلَّةٌ وَلَا شَفَـٰعَةٌ ۗ وَٱلْكَـٰفِرُونَ هُمُ ٱلظَّـٰلِمُونَ ﴿٢٥٤﴾

ऐ अल्लाह पर ईमान लाने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! हमने तुम्हें विभिन्न हलाल (वैध) धन में से जो कुछ प्रदान किया है, उसमें से खर्च करो, इससे पहले कि क़ियामत का दिन आ जाए। उस समय, वहाँ न कोई क्रय-विक्रय होगा कि जिससे मनुष्य वह चीज़ प्राप्त कर सके जो उसे लाभ दे, न कोई दोस्ती होगी जो उसे संकट के समय में लाभ दे, और न ही कोई मध्यस्थता (सिफ़ारिश) होगी जो हानि को दूर करे या लाभ पहुँचाए। सिवाय इसके कि जब अल्लाह जिसे चाहे और जिससे वह प्रसन्न हो, अनुमति प्रदान कर दे। और काफ़िर लोग ही वास्तव में अत्याचारी हैं क्योंकि वे सर्वशक्तिमान अल्लाह का इनकार करते हैं।