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البقرةआयत 27

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

ٱلَّذِينَ يَنقُضُونَ عَهْدَ ٱللَّهِ مِنۢ بَعْدِ مِيثَـٰقِهِۦ وَيَقْطَعُونَ مَآ أَمَرَ ٱللَّهُ بِهِۦٓ أَن يُوصَلَ وَيُفْسِدُونَ فِى ٱلْأَرْضِ ۚ أُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْخَـٰسِرُونَ ﴿٢٧﴾

जो लोग अल्लाह के उस वचन को तोड़ देते हैं, जो उसने उनसे लिया था कि वे केवल उसी की इबादत करेंगे तथा उसके उस रसूल का अनुसरण करेंगे, जिसके बारे में आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पहले के रसूलों ने सूचना दी थी। तथा वे उन रिश्तों-नातों को काटते हैं, जिन्हें अल्लाह ने जोड़ने का आदेश दिया है और पापों के माध्यम से पृथ्वी में भ्रष्टाचार फैलाने की कोशिश करते हैं, तो यही लोग दुनिया एवं आख़िरत में बहुत कम हिस्से वाले हैं।