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البقرةआयत 58

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَإِذْ قُلْنَا ٱدْخُلُوا۟ هَـٰذِهِ ٱلْقَرْيَةَ فَكُلُوا۟ مِنْهَا حَيْثُ شِئْتُمْ رَغَدًا وَٱدْخُلُوا۟ ٱلْبَابَ سُجَّدًا وَقُولُوا۟ حِطَّةٌ نَّغْفِرْ لَكُمْ خَطَـٰيَـٰكُمْ ۚ وَسَنَزِيدُ ٱلْمُحْسِنِينَ ﴿٥٨﴾

अपने ऊपर अल्लाह की नेमतों में से उस समय को याद करो जब हमने तुमसे कहा : बैतुल-मक़्दिस में प्रवेश कर जाओ और उसमें मौजूद अच्छी चीज़ों में से जिस स्थान से भी चाहो आनंदमय, विशाल भोजन खाओ। तथा जब तुम प्रवेश करो, तो अल्लाह के आगे सिर झुकाए हुए हो और अल्लाह से यह दुआ करते रहो : ऐ हमारे पालनहार! हमारे गुनाहों को मिटा दे; हम तुम्हारी दुआ क़बूल कर लेंगे और हम उन लोगों के सवाब को बढ़ा देंगे, जिन्होंने अच्छे काम किए।