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البقرةआयत 7

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

خَتَمَ ٱللَّهُ عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ وَعَلَىٰ سَمْعِهِمْ ۖ وَعَلَىٰٓ أَبْصَـٰرِهِمْ غِشَـٰوَةٌ ۖ وَلَهُمْ عَذَابٌ عَظِيمٌ ﴿٧﴾

क्योंकि अल्लाह ने उनके दिलों पर मुहर लगा दी है और उनमें मौजूद कुफ़्र सहित उन्हें बंद कर दिया है। तथा उनके कानों पर मुहर लगा दी है, अतः वे सत्य को उसे स्वीकारने और उसका अनुसरण करने की नीयत से नहीं सुनते हैं। तथा उनकी आँखों पर पर्दा डाल दिया है, अतः वे सत्य के स्पष्ट होने के बावजूद उसे नहीं देखते हैं, और उनके लिए आख़िरत में बहुत बड़ी यातना है।