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البقرةआयत 88

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَقَالُوا۟ قُلُوبُنَا غُلْفٌۢ ۚ بَل لَّعَنَهُمُ ٱللَّهُ بِكُفْرِهِمْ فَقَلِيلًا مَّا يُؤْمِنُونَ ﴿٨٨﴾

मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का अनुसरण न करने का यहूदियों का तर्क उनका यह कहना था : वास्तव में, हमारे दिलों पर पर्दे पड़े हुए हैं, आप जो कहते हैं, उसमें से कुछ भी उन तक नहीं पहुँचता और वे उसे नहीं समझते हैं। हालाँकि स्थिति वैसी नहीं है जैसा उन्होंने दावा किया है। बल्कि सच्चाई यह है कि उनके कुफ़्र के कारण अल्लाह ने उन्हें अपनी रहमत से दूर कर दिया। अतः वे अल्लाह की उतारी हुई बातों में से केवल बहुत कम ही पर ईमान लाते हैं।