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طهआयत 64

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَأَجْمِعُوا۟ كَيْدَكُمْ ثُمَّ ٱئْتُوا۟ صَفًّا ۚ وَقَدْ أَفْلَحَ ٱلْيَوْمَ مَنِ ٱسْتَعْلَىٰ ﴿٦٤﴾

अतः तुम अपने उपाय को मज़बूत कर लो और उसमें मतभेद न करो, फिर पंक्तिबद्ध होकर आगे बढ़ो और तुम्हारे पास जो कुछ है, उसे एक ही बार में डाल दो। निश्चय आज के दिन वही सफल होगा, जिसने अपने विरोधी को परास्त कर दिया।