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الأنبياءआयत 14

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قَالُوا۟ يَـٰوَيْلَنَآ إِنَّا كُنَّا ظَـٰلِمِينَ ﴿١٤﴾

इन अत्याचारियों ने अपने पाप को स्वीकार करते हुए कहा : हाय हमारा विनाश और हमारा नुकसान! निश्चय हम अत्याचारी थे क्योंकि हम अल्लाह का इनकार करते थे।