तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَيَقُولُونَ مَتَىٰ هَـٰذَا ٱلْوَعْدُ إِن كُنتُمْ صَـٰدِقِينَ ﴿٣٨﴾
मरणोपरांत दोबारा जीवित होने का इनकार करने वाले जल्दी मचाते हुए कहते हैं : (ऐ मुसलमानो!) यदि तुम अपने इस दावे में सच्चे हो कि हमें मरने के बाद दोबारा जीवित होकर उठना है, तो यह वादा कब पूरा होगा?!