तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَالُوا۟ مَن فَعَلَ هَـٰذَا بِـَٔالِهَتِنَآ إِنَّهُۥ لَمِنَ ٱلظَّـٰلِمِينَ ﴿٥٩﴾
जब वे वापस आए और देखा कि उनकी मूर्तियों के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए हैं, तो उन्होंने एक-दूसरे से पूछा : हमारे पूज्यों को किसने तोड़ डाला? निःसंदेह जिसने उन्हें तोड़ा है, वह निश्चय ज़ालिमों में से है। क्योंकि उसने उसका तिरस्कार किया जो सम्मान और पवित्रीकरण के योग्य है।