तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مَآ ءَامَنَتْ قَبْلَهُم مِّن قَرْيَةٍ أَهْلَكْنَـٰهَآ ۖ أَفَهُمْ يُؤْمِنُونَ ﴿٦﴾
इन चमत्कार की माँग करने वालों से पहले कोई बस्ती, जिसने चमत्कारों का प्रस्ताव रखा, फिर उसे उसके सुझाव के अनुसार दिया गया, ईमान नहीं लाई। बल्कि उन्होंने उसे झुठला दिया, तो हमने उन्हें नष्ट कर दिया। तो क्या ये लोग ईमान ले आएँगे।