तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلُوطًا ءَاتَيْنَـٰهُ حُكْمًا وَعِلْمًا وَنَجَّيْنَـٰهُ مِنَ ٱلْقَرْيَةِ ٱلَّتِى كَانَت تَّعْمَلُ ٱلْخَبَـٰٓئِثَ ۗ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ قَوْمَ سَوْءٍ فَـٰسِقِينَ ﴿٧٤﴾
और लूत को हमने विरोधियों के बीच निर्णय करने की क्षमता प्रदान की और उन्हें उनके धर्म का ज्ञान दिया, तथा उन्हें उस यातना से बचा लिया, जिसे हमने उनकी बस्ती (सदूम) पर उतारी थी, जिसके लोग अनैतिक कार्य करते थे। निश्चय वे भ्रष्ट लोग थे, जो अपने रब के आज्ञापालन से निकलने वाले थे।