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الأنبياءआयत 97

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَٱقْتَرَبَ ٱلْوَعْدُ ٱلْحَقُّ فَإِذَا هِىَ شَـٰخِصَةٌ أَبْصَـٰرُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ يَـٰوَيْلَنَا قَدْ كُنَّا فِى غَفْلَةٍ مِّنْ هَـٰذَا بَلْ كُنَّا ظَـٰلِمِينَ ﴿٩٧﴾

उनके निकलने से क़ियामत क़रीब आ जाएगी और उसकी भयावहता और कठिनाइयाँ दिखाई देनी लगेंगी, जिनकी सख़्त भयंकरता से काफ़िरों की आँखें खुली रह जाएँगी और वे कहेंगे : हाय हमारा विनाश, हम दुनिया में इस महान दिन की तैयारी से मस्ती और ग़फ़लत में थे। बल्कि हम कुफ़्र एवं अवज्ञा करके स्वयं पर अत्याचार करने वाले थे।