तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِنَّ ٱللَّهَ يُدَٰفِعُ عَنِ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ ۗ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُحِبُّ كُلَّ خَوَّانٍ كَفُورٍ ﴿٣٨﴾
निःसंदेह अल्लाह ईमान वालों को उनके दुश्मनों की बुराई से बचाता है। निश्चय अल्लाह हर उस व्यक्ति से प्रेम नहीं करता, जो अमानत में ख़ियानत करने वाला और अल्लाह की नेमतों की नाशुक्री करने वाला हो। चुनाँचे वह उसका शुक्रिया अदा न करता हो, बल्कि उससे घृणा करता हो।