तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ٱلَّذِينَ إِن مَّكَّنَّـٰهُمْ فِى ٱلْأَرْضِ أَقَامُوا۟ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتَوُا۟ ٱلزَّكَوٰةَ وَأَمَرُوا۟ بِٱلْمَعْرُوفِ وَنَهَوْا۟ عَنِ ٱلْمُنكَرِ ۗ وَلِلَّهِ عَـٰقِبَةُ ٱلْأُمُورِ ﴿٤١﴾
ये लोग जिनसे विजय का वादा किया गया है, वे हैं कि यदि हम उन्हें उनके दुश्मनों पर विजय देकर धर्ती में उन्हें आधिपत्य प्रदान करें, तो वे पूर्ण रूप से नमाज़ पढ़ेंगे, अपने धन की ज़कात देंगे, शरीयत ने जिन कामों का आदेश दिया है उनका हुक्म देंगे और जिन कामों से रोका है उनसे रोकेंगे। और सवाब तथा सज़ा देने के संबंध में सभी मामले केवल अल्लाह ही की ओर लौटते हैं।