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الحجआयत 55

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَا يَزَالُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ فِى مِرْيَةٍ مِّنْهُ حَتَّىٰ تَأْتِيَهُمُ ٱلسَّاعَةُ بَغْتَةً أَوْ يَأْتِيَهُمْ عَذَابُ يَوْمٍ عَقِيمٍ ﴿٥٥﴾

अल्लाह का इनकार करने वाले और उसके रसूल को झुठलाने वाले, आप पर अल्लाह की ओर से उतरने वाले क़ुरआन के बारे में निरंतर संदेह ही में पड़े रहेंगे, यहाँ तक कि उनके इसी हाल में रहते हुए अचानक उनके पास क़ियामत आ जाए, या उनपर ऐसे दिन की यातना आ जाए, जिसमें उन पर कोई दया या भलाई न होगी, और वह उनके लिए क़ियामत का दिन है।