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المؤمنونआयत 105

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَلَمْ تَكُنْ ءَايَـٰتِى تُتْلَىٰ عَلَيْكُمْ فَكُنتُم بِهَا تُكَذِّبُونَ ﴿١٠٥﴾

और उन्हें झिड़कते हुए कहा जाएगा : क्या दुनिया में क़ुरआन की आयतें तुम्हारे सामने पढ़ी न जाती थीं, तो तुम उन्हें झुठलाया करते थे?