तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ٱلَّذِينَ هُمْ فِى صَلَاتِهِمْ خَـٰشِعُونَ ﴿٢﴾
जो अपनी नमाज़ में इस तरह विनम्रता अपनाने वाले होते हैं कि उसमें उनके शारीरिक अंग शांत होते हैं और उनके दिल व्यस्त करने वाली चीज़ों से खाली होते हैं।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ٱلَّذِينَ هُمْ فِى صَلَاتِهِمْ خَـٰشِعُونَ ﴿٢﴾