तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَشَجَرَةً تَخْرُجُ مِن طُورِ سَيْنَآءَ تَنۢبُتُ بِٱلدُّهْنِ وَصِبْغٍ لِّلْـَٔاكِلِينَ ﴿٢٠﴾
और हमने उसी पानी से तुम्हारे लिए ज़ैतून का वृक्ष उगाया, जो सैना पर्वत के क्षेत्र में निकलता है। वह उस तेल को उगाता है, जो उसके फल से निकाला जाता है, जिसे शरीर पर लगाने और सालन के रूप में प्रयोग किया जाता है।