तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا نُوحًا إِلَىٰ قَوْمِهِۦ فَقَالَ يَـٰقَوْمِ ٱعْبُدُوا۟ ٱللَّهَ مَا لَكُم مِّنْ إِلَـٰهٍ غَيْرُهُۥٓ ۖ أَفَلَا تَتَّقُونَ ﴿٢٣﴾
हमने नूह अलैहिस्सलाम को उनकी जाति के पास, उनको अल्लाह की ओर बुलाने के लिए भेजा। तो नूह (अलैहिस्सलाम) ने उनसे कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! अकेले अल्लाह की इबादत (पूजा) करो। उस पवित्र हस्ती के सिवा तुम्हारा कोई सत्य पूज्य नहीं। क्या तुम अल्लाह से, उसके आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, डरते नहीं?!